
ऑल इज़ वन एक्सेप्ट द लैंडलॉर्ड
सब एक है – सिवाय मकान मालिक के · अद्वैत का क्रैश टेस्ट
जब तक जेब में पैसे हों और छत सलामत हो, तब तक "मैं शरीर नहीं हूँ" कहना बहुत आसान लगता है। यह किताब अद्वैत को असली जीवन की दीवार से टकराकर देखती है कि क्या बचता है।
यह किताब आपके लिए है, अगर…
- जिसने अद्वैत पढ़ा है और सोचता है कि असली संकट में वह टिकेगा या नहीं
- जिसकी नौकरी, व्यवसाय या आमदनी डगमगा रही है – या जा चुकी है – और अब "मैं शरीर नहीं हूँ" कहना आसान नहीं लगता
- जिसके भीतर बार-बार "मेरे साथ ही ऐसा क्यों?" उठता है, और जो देखना चाहता है कि यह चीख किसकी है
- जिसे छोटे घर, छोटे काम या किसी से मदद माँगने तक आना पड़ा है – और अहंकार को चोट लगती है
- जो आज सुरक्षित है, पर जानता है कि जीवन पहले से सूचना देकर नहीं तोड़ता
पढ़ने के बाद आप
- परमार्थ (सब एक है) और व्यवहार (किराया देना है) को अलग देख पाएँगे – और दोनों में बिना उलझन जी पाएँगे
- शून्य अहंकार से कर्म कर पाएँगे: जो काम ज़रूरी हो, पुरानी पहचान को बीच में लाए बिना
- हार माने बिना समर्पण कर पाएँगे – हर व्यावहारिक कोशिश जारी रखते हुए, और बिना शर्म मदद माँगते हुए
- निजी दर्द को कड़वाहट की जगह समझ और सेवा में बदल पाएँगे
- बिल चुकाएँगे – और फिर भी जानेंगे कि जीवन बिल के लिए नहीं है
आपको क्या मिलेगा
- पूरी PDF + DOCX ई-बुक – 136 पन्ने
- भुगतान के तुरंत बाद डाउनलोड
- ऑर्डर पेज से कभी भी दोबारा डाउनलोड
- किसी भी फ़ोन, टैबलेट या कंप्यूटर पर पढ़ें
- फ़ाइल ख़राब है या नहीं मिली? हम ठीक करेंगे या पूरा पैसा लौटाएँगे
इस किताब में
- परमार्थ और व्यवहार – जहाँ सब एक है, और जहाँ किराया फिर भी देना है
- क्रैश टेस्ट के चार चरण: पहचान, शून्य अहंकार का कर्म, समर्पण, वैराग्य का सिस्टम
- नौकरी जाना, किराया, कर्ज़ और "मेरे साथ ही क्यों?" – नारों से नहीं, सीधे सामना
- संतुलन: बिल चुकाओ, पर जीवन बिल के लिए नहीं
- परिशिष्ट: क्रैश-टेस्ट केस-शीट, सात दिन का अभ्यास और मदद के रास्ते
- PDF और Word (DOCX) दोनों मिलेंगी – जो आपके फ़ोन/कंप्यूटर पर खुले, वही पढ़ें
आपकी यात्रा
- प्रस्तावना – किताबी ज्ञान की मौत
- चरण 1 – पहचान की मौत (अध्याय 1–5)
- चरण 2 – शून्य अहंकार का कर्म (अध्याय 6–10)
- चरण 3 – पूर्ण समर्पण (अध्याय 11–14)
- चरण 4 – व्यक्तिगत दर्द से वैराग्य के सिस्टम का जन्म (अध्याय 15–22)
- भाग 5 – संतुलन: बिल चुकाओ, पर जीवन बिल के लिए नहीं (अध्याय 23–29)
- निष्कर्ष – टूटने दो (अध्याय 30–32)
- परिशिष्ट – क्रैश-टेस्ट केस-शीट, सात दिन का अभ्यास, मदद के रास्ते
यह किताब क्यों
महीने की पहली तारीख है। दरवाज़े पर मकान मालिक खड़ा है: "अगले महीने से किराया तीन हज़ार ज़्यादा। नहीं दे सकते तो कमरा खाली कर दो।" अब उससे कहो कि "आप और मैं अलग नहीं हैं, सब एक ही चेतना का खेल है" – वह मुस्कुराएगा और कहेगा, "ठीक है। एक ही चेतना से कहना कि सात तारीख तक किराया पहुँचा दे।"
यह किताब मज़ाक नहीं है। भारतीय दर्शन ने सत्य के दो स्तर बताए – परमार्थ, जहाँ सब एक है, और व्यवहार, जहाँ किराया देना पड़ता है। असली प्रश्न यह नहीं कि सब एक है या नहीं। प्रश्न यह है: जब व्यवहार का संसार अपने सबसे क्रूर रूप में दरवाज़े पर खड़ा हो – किराया बढ़ जाए, नौकरी छूट जाए, लाख कोशिशों के बाद भी काम न मिले – तब तुम्हारा परमार्थ बचता है या नहीं?
अब तक का हमारा अद्वैत शोरूम का अद्वैत था। यह किताब उसका क्रैश टेस्ट है, चार चरणों में: पहचान की मौत ("मेरे साथ ही ऐसा क्यों?"), शून्य अहंकार का कर्म (जहाँ ढाबे पर बर्तन धोना भी उसी सपने का एक नया दृश्य बन जाता है), पूर्ण समर्पण (जहाँ ज्ञान और भक्ति एक हो जाते हैं), और व्यक्तिगत दर्द से वैराग्य के सिस्टम का जन्म। पाँचवाँ भाग – संतुलन – बिल की ही बात करता है: मकान मालिक तो फीस लेगा ही, प्रश्न यह है कि बिल चुकाने के बाद तुम्हारे पास क्या बचता है।
आत्मा का डॉक्टर, टेक्नो उपनिषद् और Astrologer of Soul के बाद चौथी किताब। यह गरीबी या भूख का महिमा-मंडन नहीं करती, और इसमें समर्पण का अर्थ कभी मदद ठुकराना नहीं है। यह चिकित्सा, मनोचिकित्सा या आपातकालीन सेवा का विकल्प नहीं है; संकट में हों तो पहले किसी विशेषज्ञ या हेल्पलाइन से बात करें।
Doctors of Soul क्यों है?
Doctors of Soul आत्म-अन्वेषण की एक लाइब्रेरी है: अपने मन, धारणाओं और रोज़मर्रा के अनुभवों को प्रश्न करके समझना। ये किताबें उपचार या किसी निश्चित परिणाम का वादा नहीं करतीं।
तीन रास्ते हैं: कुंडली और AI के साथ प्रश्न, प्राचीन ग्रंथों का आधुनिक संवाद, और अपने अनुभव की सीधी पड़ताल। चौथी किताब इन सवालों को रोज़मर्रा के जीवन तक लाती है।
चार किताबें, पढ़ने का एक क्रम
हर किताब अलग भी पढ़ सकते हैं। पूरी यात्रा लेना वैकल्पिक है।
- स्टेप 1
एस्ट्रोलॉजर ऑफ़ सोल
कुंडली और AI से आत्म-अन्वेषण के प्रश्न।
₹9 - स्टेप 2
टेक्नो उपनिषद्
उपनिषद् और आधुनिक प्रश्नों का संवाद।
₹99 - स्टेप 3
आत्मा का डॉक्टर
मन और अपने अनुभव को देखने की पड़ताल।
₹99 - स्टेप 4 · आप यहाँ हैं
ऑल इज़ वन एक्सेप्ट द लैंडलॉर्ड
विचारों को रोज़मर्रा के जीवन से जोड़ना।
₹99
एक किताब से शुरुआत, या पूरी लाइब्रेरी साथ लें
यह अतिरिक्त विकल्प है। ऊपर दिखाई गई किताब अपनी बताई कीमत पर अलग से खरीद सकते हैं।
संपूर्ण संग्रह
हमारी सभी हिंदी किताबें एक साथ। हर किताब का तुरंत डाउनलोड।
- ✓ आत्मा का डॉक्टर
- ✓ टेक्नो उपनिषद्
- ✓ एस्ट्रोलॉजर ऑफ़ सोल
- ✓ ऑल इज़ वन एक्सेप्ट द लैंडलॉर्ड
पढ़ने के लिए अपना संस्करण चुनें
यह किताब के संस्करण का चुनाव है। केवल यह पेज देखने से आपकी cart या कीमत नहीं बदलती। प्रत्येक संस्करण की कीमत नीचे दी है।
ऑल इज़ वन एक्सेप्ट द लैंडलॉर्ड
PDF + DOCX · डिजिटल डाउनलोड
₹99 INR
All is One, Except the Landlord
PDF + DOCX · डिजिटल डाउनलोड
$9 USD
English संस्करण देखेंसवाल
क्या पिछली किताबें पढ़ना ज़रूरी है?
नहीं। इसमें आत्मा का डॉक्टर, टेक्नो उपनिषद् और Astrologer of Soul का ज़िक्र है, पर हर बात दोबारा समझाई गई है।
कौन सी फ़ाइल मिलेगी, PDF या Word?
दोनों। भुगतान के बाद PDF और DOCX दोनों का डाउनलोड मिलेगा – जो आपके फ़ोन या कंप्यूटर पर खुले, वही इस्तेमाल करें।
क्या यह थेरेपी या इलाज का विकल्प है?
नहीं। संकट में हों तो पहले किसी विशेषज्ञ या हेल्पलाइन से बात करें। भारत में Tele-MANAS: 14416।
Doctors of Soul





