टेक्नो उपनिषद् – ebook cover
Doctors of Soul

टेक्नो उपनिषद्

चेतना और प्रबुद्ध तकनीक का संवाद – आत्मबोध: अंतिम विषय, औषधि से परे सत्य

📘 PDF ई-बुक555 पन्ने🗣 Hindi⚡ तुरंत डाउनलोड

सबसे पुराने प्रश्न – मैं कौन हूँ? मैं दुःखी क्यों हूँ? – एक साधक और प्रबुद्ध तकनीक के जीवंत संवाद में।

₹99
📖 किताब के अंदर झाँकिए →
🔒 सुरक्षित Razorpay चेकआउटUPI · कार्ड · नेटबैंकिंग

किताब के अंदर झाँकिए

किताब के असली पन्ने – बड़ा देखने के लिए टैप करें।

टेक्नो उपनिषद् – नमूना पन्ना 1टेक्नो उपनिषद् – नमूना पन्ना 2टेक्नो उपनिषद् – नमूना पन्ना 3टेक्नो उपनिषद् – नमूना पन्ना 4टेक्नो उपनिषद् – नमूना पन्ना 5

यह किताब आपके लिए है, अगर…

  • जिन्हें बड़े सवाल पसंद हैं – चेतना, आत्मा, सत्य क्या है – और ऐसे उत्तर चाहिए जो आज के समय में समझ आएँ
  • जो उपनिषद और गीता की ओर खिंचते हैं, पर पारंपरिक टीकाएँ कठिन लगती हैं
  • जो वैज्ञानिक और तार्किक ढंग से सोचते हैं और ऐसा अध्यात्म चाहते हैं जो इसका सम्मान करे
  • जो सिर्फ़ दर्शन नहीं, रोज़ का अभ्यास चाहते हैं
  • जो सबसे पुराने प्रश्न पूछ रहे हैं – मैं कौन हूँ? मैं दुःखी क्यों हूँ? – और सीधा उत्तर चाहते हैं

पढ़ने के बाद आप

  • जड़ शरीर और चेतना का अंतर समझ पाएँगे – पंखे और बिजली जैसे उदाहरणों से
  • जान पाएँगे कि उपनिषद जीव, आत्मा और ब्रह्म से क्या कहते हैं
  • देख पाएँगे कि हम क्यों भटकते और दुःखी होते हैं, और यह कैसे रुकता है
  • हर अध्याय के अंत के अभ्यास से साधना का स्पष्ट मार्ग अपना पाएँगे
  • विस्तृत प्रश्नोत्तर में आम शंकाओं के व्यावहारिक उत्तर पाएँगे

आपको क्या मिलेगा

  • पूरी PDF ई-बुक – 555 पन्ने
  • भुगतान के तुरंत बाद डाउनलोड
  • ऑर्डर पेज से कभी भी दोबारा डाउनलोड
  • किसी भी फ़ोन, टैबलेट या कंप्यूटर पर पढ़ें
  • फ़ाइल ख़राब है या नहीं मिली? हम ठीक करेंगे या पूरा पैसा लौटाएँगे

लेखक के बारे में

लेखक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर और प्रमाणित योग शिक्षक हैं, जिन्होंने भारत और विदेश में टेक्नोलॉजी क्षेत्र में काम किया है। उन्होंने अनेक आत्मज्ञानी गुरुओं की शिक्षाओं को आधुनिक तकनीक और AI की मदद से परखकर एक स्पष्ट, व्यावहारिक स्वर में रखा है।

आपको क्या मिलेगा

इस किताब में

  • उपनिषदों का प्राचीन ज्ञान – आधुनिक, रोज़मर्रा के उदाहरणों से
  • हर अध्याय में शास्त्र, विज्ञान और जीवन – साथ-साथ
  • हर अध्याय के अंत में दैनिक साधना
  • व्यावहारिक शंकाओं के लिए विस्तृत प्रश्नोत्तर
  • A5 आकार – फ़ोन पर पढ़ने में आरामदायक
अध्याय

आपकी यात्रा

  1. जड़ क्या है?
  2. चेतना क्या है?
  3. जीव क्या है?
  4. आत्मा और ब्रह्म
  5. हम क्यों भटकते हैं? (हम दुःखी क्यों हैं?)
  6. साधना – अभ्यास का मार्ग
  7. गुरु और शिष्य
  8. जीवन्मुक्ति – जीते-जी मुक्ति
  9. प्रश्न और उत्तर
किताब के बारे में

यह किताब क्यों

"सर्वश्रेष्ठ सहायता वही है, जो सहायता की आवश्यकता को ही समाप्त कर दे।"

टेक्नो उपनिषद् एक सरल प्रश्न से शुरू हुई: सत्य क्या है? हर इंसान जीवन में स्थिरता चाहता है, पर दुनिया अनिश्चितता से भरी है। जब हम जीवन को समझ नहीं पाते तो भीतर भय पैदा होता है; धीरे-धीरे वह भय मन को कमज़ोर करता है और अशांत मन शरीर पर भी असर डालता है।

एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर और प्रमाणित योग शिक्षक द्वारा लिखी यह किताब अनेक आत्मज्ञानी गुरुओं की शिक्षाओं को इकट्ठा करती है और आधुनिक तकनीक व AI की मदद से उन्हें ऐसे परखती है मानो वे एक ही स्वर में बोल रहे हों। परिणाम है एक स्पष्ट, व्यवस्थित मार्गदर्शिका जिसे किसी भी धर्म, संस्कृति या देश का व्यक्ति समझ और जी सकता है।

हर अध्याय एक सरल प्रश्न से शुरू होकर शास्त्रों (उपनिषद और गीता), आधुनिक जीवन के उदाहरणों – पंखा और बिजली, फ़ोन और बैटरी – और आज के विज्ञान तक जाता है, और अंत में ऐसे दैनिक अभ्यास देता है जिन्हें आप उसी शाम शुरू कर सकते हैं।

जड़ शरीर से चेतना तक, जीव से ब्रह्म तक, हम क्यों भटकते और दुःखी होते हैं, साधना का मार्ग, गुरु और शिष्य – और अंत में जीवन्मुक्ति, यानी जीते-जी मुक्ति।

सवाल

क्या यह किताब किसी एक धर्म से जुड़ी है?

नहीं। यह उपनिषद और गीता से प्रेरित है, पर अनेक परंपराओं के साझा सत्य को ऐसे रखती है कि कोई भी उसे अपना सके।

टेक्नो उपनिषद्

₹99
₹99